Uncategorized

पाली : उमस भरी गर्मी में लो वोल्टेज ने पसीना छुड़ाया! आंख मिचौली, अघोषित कटौती बंद पर लो वोल्टेज की मार… पंखा- कूलर सब बेकार*

पाली : उमस भरी गर्मी में लो वोल्टेज ने पसीना छुड़ाया! आंख मिचौली, अघोषित कटौती बंद पर लो वोल्टेज की मार... पंखा- कूलर सब बेकार*

17 जुलाई,कोरबा/पाली:-* विद्युत वितरण केंद्र पाली के अधिकारी उपभोक्ताओं को डबल झटका देकर बड़ी चालाकी से लूट रहे हैं। कोरबा लोकसभा सांसद प्रतिनिधि द्वारा विद्युत लचर व्यवस्था को लेकर आंदोलन की चेतावनी के बाद प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के साथ विभागीय अफसरों की बैठक पश्चात बिजली की आंख मिचौली, अघोषित कटौती पर सुधार तो हुआ, लेकिन नगरीय सहित ग्रामीण इलाकों में लो वोल्टेज की समस्या जस की तस है। इससे उमस भरी गर्मी में पंखा धीमा, कूलर बेकार और बिजली का बिल दोगुना आ रहा है।

 

बीते दिनों सांसद प्रतिनिधि प्रशांत मिश्रा ने अघोषित कटौती, आंख मिचौली और लो वोल्टेज की समस्या को लेकर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी थी। इसके बाद हरकत में आए विद्युत विभाग के आला अधिकारी, प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की पाली में आपात बैठक हुई। बैठक में विद्युत अधिकारियों ने सुधार का वादा किया था। उसका असर यह हुआ कि बिजली की अघोषित कटौती और आंख मिचौली में सुधार तो हुआ लेकिन एक और समस्या लो वोल्टेज आज भी बरकरार है। वर्तमान में पसीने से तरबतर कर देने वाली उमस भरी गर्मी में पंखे नाम के लिए घूम रहे हैं और कूलर हवा नही दे रहा हैं। ऐसे में राहत पाने के लिए लोग पंखा- कूलर दोनों चला रहे हैं। इससे लोड बढ़ा और मीटर रफ्तार से रीडिंग चढ़ा रहा है। नतीजा यह कि उमस भरी गर्मी में पंखा धीमा, कूलर बेकार, उपकरण खराब और बिजली बिल डबल। इसे लेकर उपभोक्ताओं का कहना है कि पहले जुलाई के महीने में एक पंखे से काम चल जाता था, जबकि वर्तमान जुलाई पंखा- कूलर एक साथ चलानी पड़ रही है, जिससे बिजली बिल में 40- 50% बढ़ोतरी हो गई है। हालात यह हो चला कि बिजली भी ढंग से नही और बिल आसमान की ऊंचाइयों तक पहुँच रहा। बिजली विभाग ने हमे गर्मी भी दी और जेब पर बोझ भी। लो वोल्टेज की समस्या से त्रस्त लोगों का आरोप है कि बिजली विभाग ने जनप्रतिनिधियों की बात मानकर कटौती तो कम कर दी ताकि आंदोलन न हो, किंतु वोल्टेज कम करके उपभोक्ताओं की जेबें ढीली करने का खेल शुरू कर दिया। यानी न राहत, न सुकून, न पूरी बिजली और जो मिल रहा है उसका भी बिल ज्यादा। ऐसे में यह कहा जा सकता है कि विद्युत विभाग ने सुधार का नाटक कर स्थानीय जनप्रतिनिधियों को लॉलीपॉप थमाते हुए खुश भी किया और बिजली बिल की दोहरी मार भी दी। क्या उपभोक्ताओं को 220 वोल्ट की जगह 140 वोल्ट बिजली देकर बिल 220 का वसूलना सेवा है

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button