बिलासपुर

शिवरीनारायण: छत्तीसगढ़ की जगन्नाथ पुरी और आस्था का पावन केंद्र रिपोट संवाददाता रुपचंद अग्रवाल बिल्हा

शिवरीनारायण: छत्तीसगढ़ की जगन्नाथ पुरी और आस्था का पावन केंद्र रिपोट संवाददाता रुपचंद अग्रवाल बिल्हा

शिवरीनारायण: छत्तीसगढ़ की जगन्नाथ पुरी और आस्था का पावन केंद्र

बिलासपुर से मात्र 65 किलोमीटर की दूरी पर स्थित शिवरीनारायण छत्तीसगढ़ का एक ऐसा प्रमुख तीर्थ स्थल है, जिसे राज्य में वही मान्यता और श्रद्धा प्राप्त है जो विश्व स्तर पर उड़ीसा के जगन्नाथ पुरी धाम को है।

 

​भगवान जगन्नाथ का गुप्त निवास

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, प्राचीन काल में भगवान जगन्नाथ अपने तीनों विग्रहों (बलभद्र, सुभद्रा और जगन्नाथ) के साथ इसी पावन भूमि पर विराजमान थे। कालांतर में इन विग्रहों को जगन्नाथ पुरी (उड़ीसा) ले जाया गया। जन-जन की आस्था है कि भगवान जगन्नाथ आज भी गुप्त रूप से यहाँ निवास करते हैं। यह धाम भगवान जगन्नाथ स्वामी के प्रति हम छत्तीसगढ़ियों की अटूट आस्था का जीवंत प्रतिफल है।

 

​छत्तीसगढ़ का अपना ‘धाम’ और त्रिवेणी संगम

जिस प्रकार सनातन धर्म में चार धामों—उत्तर में बद्रीनाथ, दक्षिण में रामेश्वरम, पूर्व में जगन्नाथ पुरी और पश्चिम में द्वारका धाम—का महत्व है, ठीक उसी तरह छत्तीसगढ़ में शिवरीनारायण धाम को पूजनीय माना जाता है।

 

 

भौगोलिक महत्व: यह पवित्र स्थल तीन नदियों—महानदी (चित्रोत्पला), शिवनाथ नदी और जोंक नदी के पावन त्रिवेणी संगम पर स्थित है।

 

​रामायण कालीन प्रसंग: माता शबरी की भक्ति

पौराणिक कथाओं के अनुसार, वनवास काल के दौरान जब माता सीता का हरण हुआ, तब भगवान श्री राम अपने भाई लक्ष्मण के साथ उन्हें ढूंढते हुए इस क्षेत्र में पहुँचे थे। यह वही धरा है जहाँ माता शबरी ने वर्षों तक कठिन साधना और तपस्या की थी। मतंग ऋषि की भविष्यवाणी को सार्थक करने और शबरी माता की भक्ति का मान रखने के लिए प्रभु श्री राम को यहाँ आना ही पड़ा, जहाँ उन्होंने प्रेमवश माता शबरी के जूठे बेर खाए थे।

 

​प्रमुख पर्व और भव्य आयोजन

शिवरीनारायण में साल भर श्रद्धालुओं का तांता लगा रहता है, लेकिन यहाँ के कुछ प्रमुख आकर्षण इस प्रकार हैं:

 

माघ पूर्णिमा मेला: माघ पूर्णिमा के अवसर पर यहाँ तीन दिवसीय पारंपरिक मेले का आयोजन होता है, जहाँ श्रद्धालु पवित्र नदी में स्नान, दान-पुण्य और उपासना कर पुण्य लाभ कमाते हैं।

 

रथ यात्रा (दूज डोल): रथ यात्रा यहाँ का एक और प्रमुख और भव्य पर्व है।

 

महानदी गंगा आरती: अयोध्या और बनारस की तर्ज पर छत्तीसगढ़ की पहली भव्य ‘महानदी गंगा आरती’ का शुभारंभ यहाँ किया गया है। नगर पंचायत अध्यक्ष श्री राहुल थवाईट के नेतृत्व और पार्षद श्री सत्येंद्र केवट की देखरेख में इसका सफल संचालन किया जाता है।

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