जनजातीय गौरव माह पर ग्राम्य भारती महाविद्यालय में कार्यशाला, मुख्य अतिथि रहे वनवासी कल्याण आश्रम अध्यक्ष रघुराज सिंह उइके
कोरबा। शासकीय ग्राम्य भारती महाविद्यालय हरदीबाजार में जनजातीय गौरव माह के अंतर्गत “जनजातीय समाज का गौरवशाली अतीत, ऐतिहासिक, सामाजिक एवं आध्यात्मिक योगदान” विषय पर कार्यशाला का आयोजन उत्साहपूर्वक किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्र–छात्राओं, प्राध्यापकों एवं आमंत्रित अतिथियों ने भाग लिया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि रघुराज सिंह उइके रहे। अपने उद्बोधन में उन्होंने कहा कि जनजातीय समाज का इतिहास साहस, त्याग, संस्कृति एवं सामाजिक समरसता की अमूल्य धरोहर है। देश की अस्मिता, स्वतंत्रता और न्याय के लिए जनजातीय नायकों द्वारा दिया गया योगदान नई पीढ़ी को प्रेरित करता है और इसे व्यापक स्तर पर पहुंचाया जाना चाहिए।
महाविद्यालय परिवार की ओर से मुख्य अतिथि को स्मृति चिन्ह भेंटकर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर जनजातीय नायकों के जीवन, संघर्ष और योगदान पर आधारित पोस्टर, चित्र, मॉडल एवं रचनात्मक प्रदर्शनों का आयोजन किया गया, जिसमें छात्रों ने उत्साहपूर्वक भागीदारी निभाई।
कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने जनजातीय समाज की सांस्कृतिक समृद्धि, ऐतिहासिक धरोहर और आध्यात्मिक परंपराओं पर विस्तृत व्याख्यान प्रस्तुत किया। प्राध्यापकों द्वारा कार्यक्रम का सफल संचालन किया गया तथा आभार प्रदर्शन के साथ कार्यशाला का समापन हुआ।इस अवसर पर उपस्थित रहे—श्रवण यादव, छोटेलाल पटेल, राजू स्रोते, अनिल पांडेय, कृष्णमूर्ति, महेश वर्मा, पांडेय, कँवर मैडम सहित बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।


