जब आस्था आहत होती है, तब समाज बोलता है… रामलला के सम्मान में निकलेगी ‘श्रीराम श्रद्धा पदयात्रा
जब आस्था आहत होती है, तब समाज बोलता है… रामलला के सम्मान में निकलेगी ‘श्रीराम श्रद्धा पदयात्रा

बिलासपुर..अयोध्या स्थित राम मंदिर में चोरी की घटना को लेकर राजनीतिक और सामाजिक हलकों में प्रतिक्रियाएं तेज हो गई हैं। इसी कड़ी में पूर्व जिला कांग्रेस अध्यक्ष एवं बेलतरा विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस की वरिष्ठ नेता विजय केशरवानी ने 11 जुलाई को बिलासपुर में ‘श्रीराम श्रद्धा पदयात्रा’ निकालने की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि यह यात्रा किसी राजनीतिक दल के पक्ष या विपक्ष में नहीं, बल्कि भगवान श्रीराम के प्रति करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था और सम्मान की रक्षा के लिए निकाली जाएगीविजय केशरवानी ने कहा कि अयोध्या के राम मंदिर में चोरी की घटना ने देशभर के श्रद्धालुओं की भावनाओं को गहरा आघात पहुंचाया है। उनका कहना है कि मंदिर जैसे सर्वोच्च आस्था केंद्र में सुरक्षा व्यवस्था और जवाबदेही को लेकर उठे प्रश्नों का पारदर्शी उत्तर मिलना चाहिए। इसलिए इस पूरे मामले की निष्पक्ष और समयबद्ध जांच कर दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जानी चाहिए।उन्होंने बताया कि 11 जुलाई को दोपहर 3 बजे तिलक नगर हनुमान मंदिर से शुरू होकर मां महामाया मंदिर तक ‘श्रीराम श्रद्धा पदयात्रा’ निकाली जाएगी। यात्रा का उद्देश्य श्रद्धालुओं की भावनाओं को लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से अभिव्यक्त करना है।केशरवानी ने जिले के संत-महात्माओं, सामाजिक संगठनों, व्यापारियों, युवाओं, मातृशक्ति और सभी रामभक्तों से यात्रा में शामिल होने की अपील करते हुए कहा कि पदयात्रा जिस मार्ग से गुजरेगी, लोग अपने-अपने क्षेत्रों से इसमें शामिल होकर मां महामाया मंदिर तक पहुंचें और आस्था के प्रति अपनी एकजुटता का परिचय दें।
उन्होंने कहा कि आस्था किसी राजनीतिक दल की नहीं होती, बल्कि पूरे समाज की होती है। जब करोड़ों लोगों की श्रद्धा से जुड़ा कोई प्रश्न खड़ा होता है, तब लोकतांत्रिक तरीके से आवाज उठाना भी समाज का दायित्व है। उन्होंने यह भी कहा कि धार्मिक स्थलों की सुरक्षा और प्रबंधन में पारदर्शिता बनी रहनी चाहिए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो



