Uncategorized

अमेरिका और भारत की शिक्षा व्यवस्था: किताबों के प्रबंधन में बड़ा अंतर

अमेरिका और भारत की शिक्षा व्यवस्था: किताबों के प्रबंधन में बड़ा अंतर

अमेरिका के कई सरकारी स्कूलों में छात्रों को पूरे शैक्षणिक सत्र के लिए पाठ्यपुस्तकें स्कूल द्वारा उपलब्ध कराई जाती हैं। विद्यार्थी इन पुस्तकों का उपयोग पूरे वर्ष करते हैं और वार्षिक परीक्षा समाप्त होने के बाद उन्हें वापस स्कूल में जमा कर देते हैं। इसके बाद उन्हीं पुस्तकों का उपयोग अगले सत्र में नए विद्यार्थियों को कराया जाता है। इस व्यवस्था से सरकारी संसाधनों का बेहतर उपयोग होता है, पर्यावरण संरक्षण में भी मदद मिलती है और अभिभावकों पर हर वर्ष नई किताबें खरीदने का आर्थिक बोझ नहीं पड़ता।

 

इसके विपरीत, भारत में स्थिति अलग-अलग राज्यों और स्कूलों में भिन्न है। अनेक सरकारी स्कूलों में सरकार विद्यार्थियों को निशुल्क पाठ्यपुस्तकें उपलब्ध कराती है, जबकि कई निजी विद्यालयों में हर वर्ष नई किताबें खरीदना अनिवार्य कर दिया जाता है। कई बार किताबों के साथ कॉपी, यूनिफॉर्म, स्टेशनरी और अन्य सामग्री भी विशेष दुकानों से खरीदने का दबाव होने की शिकायतें सामने आती हैं। इससे अभिभावकों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ता है।

 

शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यदि उपयोग योग्

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button