मवेशियों के अव्यवस्थापन व सड़क दुर्घटनाओं को रोकने हुई बैठक* *आवारा पशुओं पर प्रशासन सख्त, लापरवाही पर कार्रवाई
मवेशियों के अव्यवस्थापन व सड़क दुर्घटनाओं को रोकने हुई बैठक* *आवारा पशुओं पर प्रशासन सख्त, लापरवाही पर कार्रवाई

मुंगेली.* कलेक्टर कुन्दन कुमार के निर्देश पर राष्ट्रीय राजमार्गों एवं प्रमुख सड़कों पर विचरण करने वाले आवारा पशुओं के अव्यवस्थापन तथा सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के उद्देश्य से एक बैठक की गई।
बैठक में बताया गया कि वर्षाकाल में सड़कों पर आवारा पशुओं का जमावड़ा बढ़ जाता है, जिससे रात के समय सड़क दुर्घटनाएं और पशुओं की मृत्यु की घटनाएं सामने आती हैं। इस समस्या के स्थायी समाधान हेतु रणनीति तैयार की गई। मुंगेली एडीएम अजय सतपथी सहित नगर पालिका, जनपद पंचायत और पशु चिकित्सा विभाग के अधिकारियों ने निर्णय लिया कि रात में सड़कों पर पशुओं का जमावड़ा रोकने के लिए कर्मचारियों की शिफ्टवार ड्यूटी लगेगी। सड़क किनारे चेतावनी बोर्ड लगेंगे।
विकसित कर पशुओं को सुरक्षित स्थानांतरित किया जाएगा। जनपद पंचायत मुंगेली के मुख्य कार्यपालन अधिकारी को निर्देशित किया गया कि वे सरपंचों की बैठक कर पशुपालकों को अपने मवेशियों को खुला न छोड़ने हेतु जागरूक करें। अलावा मित्रों को भी जनजागरूकता अभियान में सक्रिय भूमिका निभाने के निर्देश दिए गए। उपसंचालक पशु चिकित्सा डॉ. आर.एम. तिवारी ने बताया कि गुमराह पशुओं की पहचान हेतु रेडियम बेल्ट और टैगिंग अभियान चलेंगे। मुख्य कार्यपालन अधिकारी जरहागांव ने मानव समाधान उपस्थ्य कराने का आश्वासन दिया, वहीं मुख्य कार्यपालन अधिकारी, बेला ने प्लेटफॉर्म निर्माण के लिए शासकीय भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने की बात कही। डॉ. तिवारी ने यह भी बताया कि जिले में 30 गोठानों की स्थापना का प्रस्ताव छत्तीसगढ़ राज्य को भेजा गया है।
गौ सेवा आयोग को भेजा गया है। स्वीकृति मिलते ही पशुओं को गोठानों में सुरक्षित रखा जाएगा। बैठक के अंत में स्पष्ट किया गया कि जागरूकता के बाद भी पशुपालक अपने पशुओं को सड़कों पर खुला छोड़ते हैं, तो उनके विरुद्ध नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी। जिला प्रशासन ने सभी पशुपालकों से सहयोग की अपील की l



